शनिवार, 18 अगस्त 2012

सूरज रंग कर ऐसे निकले


सूरज रंग कर ऐसे निकले
जैसे रंगा है अपना तिरंगा
जल पर परछाई लहराए
सुबह सुबह हो विश्व ति- रंगा 


जल में हम स्नान करें
तन मन रंग हो येही तिरंगा
भारत की पहचान इसीसे
सब की जाती में नाम ति-रंगा 


चक्र सुदर्शन अस्त्र हमारा
शेरो की हो अपनी सवारी
एक दहाड़ भयभीत शत्रु हो
मित्र बने सब, जग जीत तिरंगा...वन्दे मातरम् 

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