रविवार, 30 सितंबर 2012

हम देश नहीं ,हम धर्म नहीं , हम पूरी एक सभ्यता हैं

हम देश नहीं ,हम धर्म नहीं , हम पूरी एक सभ्यता हैं

by Suman Mishra on Friday, 14 September 2012 at 13:18 ·


हम देश नहीं हम धर्म नहीं
हम पूरी एक सभ्यता हैं
जन जन का मस्तक गर्वित हो
हम विश्व धरोहर सत्ता हैं

हमसे है उपजा ज्ञान राग
हमसे है उपजा राग ज्ञान
वैदिक, जंत्रित, तंत्रित का जोड़ तोड़
हमसे धरती हर फलक छोर



सत्ता की लोलुपता से सींच
बोते हैं कुछ कुछ घृणित बीज
उस तरु को काट कर फेंकेगे
नव पल्लव को  हम आज रोप


माँ की वाणी में सत्य कथन
हिंदी ओजस्वी मात्रि नमन
हर रोज शब्द का आवाहन
इस एक दिवस का क्या प्रचलन ?

 

अंग्रेजी की ना लाग लपेट
बैठा है विषधर फन को फेंट
कैसे हारेगा विष से भरा
हिंदी का अमृत सबको सेंत

रोटी की भाषा अंग्रेजी
पर ज्ञान अभी तक सीमित सा
जब ज्ञान नहीं तो मान नहीं
सम्मान करो सब हिंदी का....

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