रविवार, 30 सितंबर 2012

विद्रोही मन सावधान रह ..आजादी किस बात की है ?

विद्रोही मन सावधान रह ..आजादी किस बात की है ?

by Suman Mishra on Saturday, 1 September 2012 at 00:04 ·


विद्रोही मन सावधान रह
आजादी किस बात की है
अनशन और आन्दोलन में हम
खुशहाली  किस बात की है

मोहपाश ये अजब तिरंगा
जननी जन्मभूमिश्च अपनी
माँ का दर जो रक्त शक्त में
फिर बर्बादी किस बात की है ?

कहीं मयूरों का नर्तन है
कहीं देश के गान में हम
कही होड़ अधिकारों की है
हर पल जिम्मेवार हैं हम

कहाँ कहाँ आजाद तिरंगा
लहराएगा हर दिल में 
पर सच में ये दुखद बहुत है
समझे नहीं आजादी हम ..

कल की ही तो बात थी जब
थी शांति कपोतों की पांती
आज खड़ा खुदार बंधा सा
स्वाभिमान या अभिमानी

हिन्दुस्तान हमारा है
तुम भी सोचो संकल्पों में
हम आज यहाँ इस नक्शे में
कल विश्व नमन स्वीकारेंगे,,,,,

कोई टिप्पणी नहीं: